अच्छे संस्कार, अच्छे भविष्य का निर्माण करते हैं
अच्छे संस्कार, अच्छे भविष्य का निर्माण करते हैं
— विचार: Mr. Swadhin Sasmal
संस्कार मनुष्य के व्यक्तित्व की वह नींव होते हैं, जिन पर उसका पूरा जीवन खड़ा होता है। शिक्षा हमें ज्ञान देती है, लेकिन संस्कार हमें सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाते हैं। जब ज्ञान और संस्कार साथ-साथ चलते हैं, तब एक सशक्त, जिम्मेदार और सफल भविष्य का निर्माण होता है।
आज के तेज़ रफ्तार युग में बच्चे बहुत कुछ सीख रहे हैं—तकनीक, विज्ञान, प्रतियोगिता और सफलता के नए रास्ते। लेकिन यदि इन सबके साथ अच्छे संस्कार न हों, तो यह प्रगति अधूरी रह जाती है। सच बोलना, बड़ों का सम्मान करना, अनुशासन में रहना, दूसरों की मदद करना और मेहनत को महत्व देना—ये सभी अच्छे संस्कार हैं, जो बच्चे के चरित्र को मजबूत बनाते हैं।
अच्छे संस्कार केवल किताबों से नहीं सिखाए जा सकते। ये घर के वातावरण, माता-पिता के व्यवहार, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाज की सोच से विकसित होते हैं। बच्चे वही सीखते हैं, जो वे अपने आसपास देखते हैं। इसलिए माता-पिता और शिक्षक दोनों की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं आदर्श बनें, ताकि बच्चे उन्हें देखकर सही मूल्यों को अपनाएँ।
संस्कारों से युक्त बच्चा जीवन की हर परिस्थिति का सामना आत्मविश्वास और धैर्य के साथ करता है। वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी सकारात्मक योगदान देता है। ऐसा बच्चा आगे चलकर एक अच्छा नागरिक, जिम्मेदार नेता और संवेदनशील इंसान बनता है।
आज आवश्यकता है कि हम शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों पर भी उतना ही ध्यान दें। क्योंकि डिग्रियाँ हमें नौकरी दिला सकती हैं, लेकिन संस्कार हमें सम्मान और स्थायी सफलता दिलाते हैं।
अंत में यही कहा जा सकता है कि—
“अच्छे संस्कार ही अच्छे भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला होते हैं।”
— Mr. Swadhin Sasmal


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