पढ़ाई बोझ नहीं, भविष्य की नींव है। — विचारक: Mr. Swadhin Sasmal
“पढ़ाई बोझ नहीं, भविष्य की नींव है।” — विचारक: Mr. Swadhin Sasmal आज के समय में जब बच्चे पढ़ाई का नाम सुनते ही थकान, दबाव और डर महसूस करने लगते हैं, तब यह वाक्य हमें रुककर सोचने पर मजबूर करता है— “पढ़ाई बोझ नहीं, भविष्य की नींव है।” यह सिर्फ़ एक पंक्ति नहीं, बल्कि एक सोच है, एक दिशा है, जिसे Mr. Swadhin Sasmal ने बहुत सरल लेकिन गहराई से समझाया है। 📚 पढ़ाई बोझ क्यों लगने लगती है? असल में पढ़ाई बोझ तब लगती है जब— उसे सिर्फ़ नंबरों और रैंक तक सीमित कर दिया जाता है बच्चे की रुचि और समझ को नज़रअंदाज़ किया जाता है सीखने को डर और दबाव से जोड़ दिया जाता है जब शिक्षा खुशी की जगह मजबूरी बन जाती है, तब वह बोझ लगती है। 🌱 पढ़ाई = भविष्य की नींव Mr. Swadhin Sasmal मानते हैं कि पढ़ाई का असली उद्देश्य सिर्फ़ परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि— सोचने की क्षमता विकसित करना आत्मविश्वास बढ़ाना समस्या सुलझाने की आदत डालना जीवन के लिए तैयार करना जैसे कोई मजबूत इमारत बिना मजबूत नींव के खड़ी नहीं रह सकती, वैसे ही बिना शिक्षा के भविष्य भी मज़बूत नहीं हो सकता। 🎯 सही शिक्षा क्या है? सही शिक्षा वह है जो— ...









